ग़ज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

मुहब्बत बा जरूरी

मुहब्बत बा जरूरी
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जिये खातिर ई सूरत बा जरूरी
न दिल तूरऽ मुहब्बत बा जरूरी

हवे ई राह सचहूँ काँट जइसन
मगर ये प्यार के लत बा जरूरी

न लामें जा सनम अब रूठ के तू
सुनऽ जिनिगी में जन्नत बा जरूरी

बिछड़ला के मिले कारन हजारों
मिले खातिर तऽ किस्मत बा जरूरी

परख खातिर के बाटे खास आपन
घड़ी भर के मुसीबत बा जरूरी

करे मन आज देखीं खूब तहके
तनी दे दऽ इजाजत बा जरूरी

रही तड़पन मिली हमके मुहब्बत
मगर ‘आकाश’ शिद्दत बा जरूरी

– आकाश महेशपुरी
दिनांक- १०/०७/२०२१

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Author
संक्षिप्त परिचय : नाम- आकाश महेशपुरी (कवि, लेखक) मो. न. 9919080399 मूल नाम- वकील कुशवाहा जन्मतिथि- 15 अगस्त 1980 शैक्षिक योग्यता- स्नातक ॰॰॰ प्रकाशन- सब रोटी का खेल (काव्य संग्रह)…
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