मुक्तक · Reading time: 1 minute

हर सांस उधार बा

ये जिंदगी के
दिन दु-चार!
तू जी भर के
कर लअ प्यार!!
राम जाने
कब छिन जाई!
हर सांस बा
तहपे उधार!!
#Geetkar
Shekhar Chandra Mitra
(A Dream of Love)

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