मुक्तक · Reading time: 1 minute

लिट्टी-चोखा

लिट्टी-चोखा
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ना भावेला प्यार मुहब्बत, ना सजनी सुधि आवे।
रूप-रंग ना भावे तनिको, ना केहू ललचावे।
कि चटर-पटर मन करे हमरो, आवेला जब सावन।
बरसेला जब रिमझिम रिमझिम, लिट्टी-चोखा भावे।।1।।

साथे बाड़ू बाकिर देखऽ, रात तनिक ना भावे।
लिट्टी-चोखा बिन बारिश के, पात तनिक ना भावे।
प्यार करबि हम शर्त इहे बा, चोखा ले के आवऽ।
भूख लगल बा दिल के कवनो, बात तनिक ना भावे।।2।।

– आकाश महेशपुरी
दिनांक- ०९/०७/२०२१

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संक्षिप्त परिचय : नाम- आकाश महेशपुरी (कवि, लेखक) मो. न. 9919080399 मूल नाम- वकील कुशवाहा जन्मतिथि- 15 अगस्त 1980 शैक्षिक योग्यता- स्नातक ॰॰॰ प्रकाशन- सब रोटी का खेल (काव्य संग्रह)…
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