ग़ज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

रोमांटिक विद्रोही

ई दुनिया
जंगल लागेला
ख़तरा में
हर पल लागेला…
जेतने चलीं
हम ओतने धंसीं
राह में
दलदल लागेला…
क्रांति के
बस बात करेला
ऊ कवनो
पागल लागेला…
धरती के
डूबा के छोड़ी
आज ई
बादल लागेला…
जेके कहेला
शादी लोगवा
प्यार के
मक़तल लागेला…
लड़ जाला
प्रेमियन खातिर
दिल से ऊ
घायल लागेला…
#Geetkar
Shekhar Chandra Mitra
#जनवादीगीतकार
#RomanticRebel

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