गीत · Reading time: 1 minute

रोआ के न जइहऽ

हँसावेलू हमके रोआ के न जइहऽ
नज़र से तू कहिओ गिरा के न जइहऽ

सहारा बना के न करिहऽ किनारा
बा उजियार तहरे से संसार सारा
मुहब्बत के दीआ बुता के न जइहऽ-
नज़र से तू कहिओ गिरा के न जइहऽ

कबो साथ छूटे ना साथी सफ़र में
कसम खइले बाड़ू तऽ रखिहऽ जिगर में
कहीं दूर सपना सजा के न जइहऽ-
नज़र से तू कहिओ गिरा के न जइहऽ

न रहबू सँघे तऽ कहाँ चैन आई
ना जियल बनी जान लेली जुदाई
कि हमरा से दामन छोड़ा के न जइहऽ-
नज़र से तू कहिओ गिरा के न जइहऽ

– आकाश महेशपुरी
दिनांक- ११/०९/२०२१

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संक्षिप्त परिचय : नाम- आकाश महेशपुरी (कवि, लेखक) मो. न. 9919080399 मूल नाम- वकील कुशवाहा जन्मतिथि- 15 अगस्त 1980 शैक्षिक योग्यता- स्नातक ॰॰॰ प्रकाशन- सब रोटी का खेल (काव्य संग्रह)…
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