मुक्तक · Reading time: 1 minute

राखी

एगो मुक्तक-
राखी कलाई में बन्हल, भाई-बहिन के प्यार हऽ।
ई सूत रेशम के भले ,अनमोल धन आगार हऽ।
हर साल पूनम सावनी, शुभकामना दे लोग के,
भाई खुशी में दे जवन, ऊ नेगवे उपहार हऽ।।

**माया शर्मा,पंचदेवरी,गोपालगंज (बिहार)**

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