गीत · Reading time: 1 minute

याद केहू के आवेला

जब बाग में
फुलवा खिलेला
औरी भंवरा
धूम मचावेला
तब याद
केहू के आवेला
बड़ी याद
केहू के आवेला
हमके याद
केहू के आवेला…
जब कुहू-कुहू
कोईलर कुहूकेले
औरी पीहु-पीहु
पपीहा गावेला
तब याद
केहू के आवेला
बड़ी याद
केहू के आवेला
हमके याद
केहू के आवेला….
जब बदरा
झूम के बरसेला
औरी मोरवा
नाच देखावेला
तब याद
केहू के आवेला
बड़ी याद
केहू के आवेला
हमके याद
केहू के आवेला….
जब रात में
चंदा चमकेला
औरी पुरूवा
अंचरा उड़ावेला
तब याद
केहू के आवेला
बड़ी याद
केहू के आवेला
हमके याद
केहू के आवेला….
जब बांसुरी
केहू बजावेला
औरी पायल
केहू छमकावेला
तब याद
केहू के आवेला
बड़ी याद
केहू के आवेला
हमके याद
केहू के आवेला….
#Geetkar
Shekhar Chandra Mitra
(A Dream of Love)

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Lyricist, Journalist, Social Activist
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