· Reading time: 1 minute

बेचू

पहिले आपन ईमान बेचलस!
तब सरकारी सामान बेचलस!!
फेर औरी कुछु जब ना मिलल-
तअ जनता के अरमान बेचलस!!
सबकुछ आंखी के सामने भईल
बाकिर केहू ना समझ पावल!
एतना चालाकी से धीरे-धीरे
ऊ सगरी हिंदुस्तान बेचलस!!
#जनवादीगीत

16 Views
Like
Author
135 Posts · 3.2k Views
Lyricist, Journalist, Social Activist
You may also like:
Loading...