ग़ज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

रात कटी जइसन-जइसन

रात कटी जइसन-जइसन
बात हुयी वइसन-वइसन

शरमाये लोग लुगाई
प्यार करैं अइसन-अइसन

पंख लगी तो प्रीत बरे
अग्नि जरे तइसन-तइसन

खोपरिया घूम गइल बा
घात मिली कइसन-कइसन

प्रेम सभै कुछ, हम जाने
लोग करैं पइसन-पइसन

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एक अदना-सा अदबी ख़िदमतगार Books: इक्यावन रोमांटिक ग़ज़लें (ग़ज़ल संग्रह); इक्यावन उत्कृष्ट ग़ज़लें (ग़ज़ल संग्रह); 'इक्यावन इन्द्रधनुषी ग़ज़लें' (ग़ज़ल संग्रह) प्रतिनिधि रचनाएँ (विविध पद्य रचनाओं का संग्रह); रामभक्त शिव (संक्षिप्त…
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