गीत · Reading time: 1 minute

पांच साल के परधानी पर

पांच साल के परधानी पर, करअ बड़ा गुमान।
पांच साल के बाद का करबअ, जाने सकल जहान।

मनरेगा के पइसा खाके, भइलअ मोटा तगड़ा।
बात बात मे अकड़ देखावअ, कइलअ सबसे झगड़ा।
पांच साल के शान ह इहो, ओकरी बाद हेवान।
पांच साल के बाद का ………….
पांच साल के परधानी………….
पांच साल के बाद का ………….

गांव नगर के बंजर पोखर, कइलअ अपना नामे।
इसकूली के एमडीएम भी, आवे तोहरा कामे।
पांच साल के करनी इहे, इहे रही निशान।
पांच साल के बाद का ………….
पांच साल के परधानी………….
पांच साल के बाद का …………

रोज रोज उ विधवा धावे, भोरे तोहरे द्वारे।
पेंशन आइल होई दादी, खाता रोज निहारें।
दुई हजार उ घूस के खातिर, बेचली धान पिसान।
पांच साल के बाद का ………….
पांच साल के परधानी………….
पांच साल के बाद का ………….

याद रहलअ ना उ दिनवा, जब घर घर पांव पखारअ।
चाचा चाची, दादा दादी कहिके रोज पुकारअ।
पांच साल के राज मिलल त, भइलअ गबरू जवान।
पांच साल के बाद का ………….
पांच साल के परधानी………….
पांच साल के बाद का ………….

✍️जटाशंकर”जटा”
०४-०३-२०२१
ग्राम-सोन्दिया बुजुर्ग
पोस्ट-किशुनदेवपुर
जनपद-कुशीनगर
उत्तर प्रदेश
मो०नं० 9792466223

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ग्राम-सोन्दिया बुजुर्ग पोस्ट-किशुनदेवपुर जनपद-कुशीनगर उत्तर प्रदेश मो०नं० 9792466223 --शिक्षक ---पत्रकार ---कवि
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