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दूर संचारे क्रांति

परत-दर-परते
खुलत रहल बा
उ बात
जोन लाख परदा के
भितरे रहल छी …

इ वास्तव मा
परिवर्तन होइ

अथबा —
कोनो
दूर संचारे क्रांति
से उपजत
दोसर दुनिया …

जहाँये बिना
आइना के
देखब जा सकत
सभै किछु !!
•••

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एक अदना-सा अदबी ख़िदमतगार Books: इक्यावन रोमांटिक ग़ज़लें (ग़ज़ल संग्रह); इक्यावन उत्कृष्ट ग़ज़लें (ग़ज़ल संग्रह); 'इक्यावन इन्द्रधनुषी ग़ज़लें' (ग़ज़ल संग्रह) प्रतिनिधि रचनाएँ (विविध पद्य रचनाओं का संग्रह); रामभक्त शिव (संक्षिप्त…
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