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दुस्मन भईल जमाना

दिल तुर के हंसल
इहवां के रीत पुराना
दुश्मन भईल ज़माना
हाए….
दुश्मन भईल ज़माना…
केसे कहीं हम जाके
आख़िर दर्द के फ़साना
दुश्मन भईल ज़माना
हाए…
दुश्मन भईल ज़माना…
#Geetkar
Shekhar Chandra Mitra
(A Dream of Love)

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Lyricist, Journalist, Social Activist
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