गीत · Reading time: 1 minute

दुखवा हजारो

दुखवा हजारो
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एके गो जीनिगिया हे राम
दुखवा सहेला हजारो
नाहीं मिले तनिको आराम
दुखवा सहेला हजारो

जबसे जनम होला दुखवा सतावे
देखे एगो सुखवा त काटे बदे धावे
एगो नाहीं बीपत तमाम-
दुखवा सहेला हजारो
नाहीं…………..दुखवा…………

एगो साथ छोड़े एगो आ के पजिआवे
फाटि जा करेजा दिन अइसन देखावे
किस्मत प कइसन लगाम-
दुखवा सहेला हजारो
नाहीं…………..दुखवा…………

दुनिया में केकर नइखे दुखवा से नाता
अइलें जनम लिहलें रोवलें विधाता
मनई सुनर भगिया खाम-
दुखवा सहेला हजारो
नाहीं…………..दुखवा…………
एके गो………..दुखवा…………

– आकाश महेशपुरी

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संक्षिप्त परिचय : नाम- आकाश महेशपुरी (कवि, लेखक) मो. न. 9919080399 मूल नाम- वकील कुशवाहा जन्मतिथि- 15 अगस्त 1980 शैक्षिक योग्यता- स्नातक ॰॰॰ प्रकाशन- सब रोटी का खेल (काव्य संग्रह)…
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