गीत · Reading time: 1 minute

जीवन भर के कमाई

तू एइके ना
समझ पइबू
अबहीन
मनमीत हमार
हमरा जीवन
भर के कमाई
इहे बा
गीत हमार…
तहरा कवनो
काम के नइखे
पागल
प्रीत हमार
हमरा जीवन
भर के कमाई
इहे बा
गीत हमार…
चांदी के खनक में
दब जाई
लोक-
संगीत हमार
हमरा जीवन
भर के कमाई
इहे बा
गीत हमार…
कहियो तहार
हार बनी
अबके
जीत तहार
हमरा जीवन
भर के कमाई
इहे बा
गीत हमार…
हमके हमार
विद्रोह मुबारक
तहके
रीत तहार
हमरा जीवन
भर के कमाई
इहे बा
गीत हमार…
#Geetkar
Shekhar Chandra Mitra
(A Dream of Love)

8 Views
Like
Author
113 Posts · 2k Views
Lyricist, Journalist, Social Activist
You may also like:
Loading...