ग़ज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

जिया नाचन लगी है

पिया गावन लगी है
जिया नाचन लगी है

नयन रोवत सखी यूँ
झरी सावन लगी है

सजन कातिल निसा भी
बरी पावन लगी है

करैं का बात उन के
हिया जावन लगी है

गजब जादू नजर मा
नसा लावन लगी है

•••

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एक अदना-सा अदबी ख़िदमतगार Books: इक्यावन रोमांटिक ग़ज़लें (ग़ज़ल संग्रह); इक्यावन उत्कृष्ट ग़ज़लें (ग़ज़ल संग्रह); 'इक्यावन इन्द्रधनुषी ग़ज़लें' (ग़ज़ल संग्रह) प्रतिनिधि रचनाएँ (विविध पद्य रचनाओं का संग्रह); रामभक्त शिव (संक्षिप्त…
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