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जियान काहें कइलअ

जियान काहें कइलअ
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जियान काहें कइलअ जियान काहें कइलअ जियान काहें कइलअ
दे देतअ दान हो-
जियान काहें कइलअ

दे देतअ ढेर बा त पेट भरि जाइत
तू फेकि दिहलअ गरीब केहू खाइत
जियान काहें कइलअ जियान काहें कइलअ जियान काहें कइलअ
कहे कूड़ेदान हो-
जियान काहें कइलअ

कबो कबो खाला कबो रहि जा उपासे
लइका भिखारी एगो घरवा के पासे
जियान काहें कइलअ जियान काहें कइलअ जियान काहें कइलअ
डहके नादान हो-
जियान काहें कइलअ

सुनि ल ये भाई तू पिरितिया निभावअ
कवनों ग़रीब के ना हक हथिआवअ
जियान काहें कइलअ जियान काहें कइलअ जियान काहें कइलअ
हो के सग्यान हो-
जियान काहें कइलअ

– आकाश महेशपुरी

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संक्षिप्त परिचय : नाम- आकाश महेशपुरी (कवि, लेखक) मो. न. 9919080399 मूल नाम- वकील कुशवाहा जन्मतिथि- 15 अगस्त 1980 शैक्षिक योग्यता- स्नातक ॰॰॰ प्रकाशन- सब रोटी का खेल (काव्य संग्रह)…
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