गीत · Reading time: 1 minute

जिनिगिया के बाती

जिनिगिया के बाती जोगवला में का बा
जरवला में का बा, बुतवला में का बा

न हमरा बदे जब पिरितिया के पाती
बिकाइल तोहार ई सनेहिया के थाती
नजरिया से पागल बनवला में का बा
जरवला में………

इ नवका जमाना के असली रसम ह
भुलाई न केहू ई मन के भरम ह
पुरनकी बखरिया बचवला में का बा
जरवला में………..

नयनवें में रतिया बिरतिया कटाइल
निनरिया निनर बनवें में अझुराइल
सपनवा ‘असीम’ अब सजवला में का बा
जरवला में…………..
© शैलेन्द्र ‘असीम’

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शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय उपाख्य : 'असीम' माता : स्व. द्रौपदी पाण्डेय पिता : स्व. सूर्यभान पाण्डेय पत्नी : श्रीमती प्रिया पाण्डेय पुत्रियां : श्रेया नव्या तन्वी शिक्षा : एम.एस-सी., बी.एड.,…
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