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जिंदगी खेत से

खेत से बा हँसी आ खुशी खेत से
हम किसानन के बा जिंदगी खेत से

खेत मंदिर हवे आ विधाता इहे
सबके माता इहे अन्नदाता इहे
दूर हो जाला हर बेबसी खेत से-
हम किसानन के बा जिंदगी खेत से

पुन्य के काम हऽ खेती-बारी कइल
अन्न खा के जिये चाहें केहू भइल
आदमी बनि गइल आदमी खेत से-
हम किसानन के बा जिंदगी खेत से

– आकाश महेशपुरी
दिनांक- 15/11/2005

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संक्षिप्त परिचय : नाम- आकाश महेशपुरी (कवि, लेखक) मो. न. 9919080399 मूल नाम- वकील कुशवाहा जन्मतिथि- 15 अगस्त 1980 शैक्षिक योग्यता- स्नातक ॰॰॰ प्रकाशन- सब रोटी का खेल (काव्य संग्रह)…
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