मुक्तक · Reading time: 1 minute

जाल हऽ दुनिया

जइसे माया के जाल हऽ दुनिया
टेढ़ एगो सवाल हऽ दुनिया
लोर से ई सदा रहे भींजल
लागे ग़म के रुमाल हऽ दुनिया

– आकाश महेशपुरी
दिनांक- ०१/०९/२०२१

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संक्षिप्त परिचय : नाम- आकाश महेशपुरी (कवि, लेखक) मो. न. 9919080399 मूल नाम- वकील कुशवाहा जन्मतिथि- 15 अगस्त 1980 शैक्षिक योग्यता- स्नातक ॰॰॰ प्रकाशन- सब रोटी का खेल (काव्य संग्रह)…
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