गीत · Reading time: 1 minute

जात-जात में जात

जात-जात में
जात इहां
पात-पात में
पात इहां…
कुछ मत बोलअ
कुछ मत लिखअ
बात-बात में
बात इहां…
आगे-पीछे
देखके चलअ
डेग-डेग पर
घात इहां…
देश के
बदहाली में
सोचअ केकर
हाथ इहां…
पत्थर के तअ
फूल मिलेला
बाकिर प्रेमी के
लात इहां…
बुतले जाता
आश के दीया
बढ़ले जाता
रात इहां…
#Geetkar
Shekhar Chandra Mitra
#AmbedkarMovement
#OshoVision

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Lyricist, Journalist, Social Activist
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