गीत · Reading time: 1 minute

जबले जान रही ये जान (युगल गीत)

जबले जान रही ये जान (युगल गीत)
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नायक-
दुख के आन्ही आई चाहें बीपत के तूफान
साथ छूटी नाहीं तबले जबले जान रही ये जान
नायिका-
चाहें बैरी हो जाई हमनी के पुरा जहान
साथ छूटी नाहीं तबले जबले जान रही ये जान

नायक-
साथ ना छोड़ल जाई लोगवा रूठल बा तऽ रूठी
नायिका-
नाता जहिये टूटी तहिये सुन लऽ अरथी ऊठी
किरिया खा के करत बानीं ये सँइया ऐलान-
साथ छूटी नाहीं तबले जबले जान रही ये जान

नायिका-
का जाने काहें सब लोगवा चाहे साथ छोड़ावल
नायक-
आसान हवे ना दुनिया में केहू से नेह लगावल
बाकिर अब कुछु हो जाई हम तऽ लिहनी ठान-
साथ छूटी नाहीं तबले जबले जान रही ये जान

नायक-
जान मोर तहरे में बा ये जानेमन ई जानऽ
नायिका-
जानत बानी जान एक बा देहियो एके मानऽ
जिनिगी में हमरा तू आ के बनि गइलऽ भगवान-
साथ छूटी नाहीं तबले जबले जान रही ये जान

– आकाश महेशपुरी
दिनांक- 17/12/2008

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Author
संक्षिप्त परिचय : नाम- आकाश महेशपुरी (कवि, लेखक) मो. न. 9919080399 मूल नाम- वकील कुशवाहा जन्मतिथि- 15 अगस्त 1980 शैक्षिक योग्यता- स्नातक ॰॰॰ प्रकाशन- सब रोटी का खेल (काव्य संग्रह)…
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