गीत · Reading time: 1 minute

जनवादी गीत

जिंदगी झंड बा
तबो घमंड बा
बर्दाश्त से बाहर होता
एतना पाखंड बा!
मजदूरन के दंड बा
निकम्मन के फंड बा
बर्दाश्त से बाहर होता
एतना पाखंड बा!
तालीम में हंड बा
सेहत में भंड बा
बर्दाश्त से बाहर होता
एतना पाखंड बा!
अगिला जे चंड बा
तअ पिछला भी मुंड बा
बर्दाश्त से बाहर होता
एतना पाखंड बा!
Shekhar Chandra Mitra

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Lyricist, Journalist, Social Activist
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