गीत · Reading time: 1 minute

जनगीत

गावल जाई हो
गुनगुनावल जाई हो
एक दिन गीत हमार
जेइमें बा प्रीत तहार…
(१)
सावन जब आई
पपीहा जब गाई
गांव से बगिया में
हरियाली जब छाई
सुनल जाई हो
सुनावल जाई हो
एक दिन गीत हमार
जेइमें बा प्रीत तहार…
(२)
एगो वादा करके
जब केहू तूर जाई
दोसरा के साथे
जब केहू दूर जाई
सांझ के उदासी में
दोहरावल जाई हो
एक दिन गीत हमार
जेइमें बा प्रीत तहार…
(३)

#Geetkar
Shekhar Chandra Mitra
#(A Dream of Love)

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Lyricist, Journalist, Social Activist
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