गीत · Reading time: 1 minute

चुनाव नियराइल

चारू ओर लागे कि जहर बोआइल
कि देखअ ना भाई चुनाव नियराइल

साड़ी बाटात कहीं मुर्गा काटाला
दारू के बोतल प दुनिया के हाला
बूझे ना लोग बाटे पासा फेकाइल-
कि देखअ ना भाई चुनाव नियराइल

भाई पियक्कड़ के चम बाटे गोटी
आइल चुनाव खाई बकरा के बोटी
होई बेमारी त छूटी धाधाइल-
कि देखअ ना भाई चुनाव नियराइल

गँउवा-नगर में जे लेङा लगावे
सबसे अधिक धन भाई उ पावे
मार-फउदारी से सभे डेराइल-
कि देखअ ना भाई चुनाव नियराइल

जब मिली विजय भाई रही ना नाता
आइल चुनाव खूब ऑफर दीआता
गोड़वा प माथे के पगरी धराइल-
कि देखअ ना भाई चुनाव नियराइल

मिलेला ऑफर कि बोलअ का चाहीं
केने से बोलल जा केने से नाहीं
बाटे शरीफन के बुद्धि हेराइल-
कि देखअ ना भाई चुनाव नियराइल

नेतन के भरेला सोना के थाली
जनता त खाली बजावेला ताली
जनता के देश ह जनते पेराइल-
कि देखअ ना भाई चुनाव नियराइल

– आकाश महेशपुरी
दिनांक- 05/01/2021

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संक्षिप्त परिचय : नाम- आकाश महेशपुरी (कवि, लेखक) मो. न. 9919080399 मूल नाम- वकील कुशवाहा जन्मतिथि- 15 अगस्त 1980 शैक्षिक योग्यता- स्नातक ॰॰॰ प्रकाशन- सब रोटी का खेल (काव्य संग्रह)…
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