ग़ज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

गजल

हिफाजत गरीबी करावल गइल बा
गरीबन क सपना देखावल गइल बा

पियासल रहे जब उ पानी खतीरा
शराबी सभेके बनावल गइल बा

कबो ना गइल देस से सब गरीबी
दिमागी गरीबी मिटावल गइल बा

कइल बा जवन पाँच साले के वादा
कबो ना उ वादा निभावल गइल बा

सरेआम रोजे घुमत बा उ बहरा
जुबानी कहानी सुनावल गइल बा

अमीरी गरीबी फरक देस में बा
मड़इयाँ त फुस के जरावल गइल बा

जरावल मड़इया गरीबन क छाती
धनिक के महलिया बनावल गइल बा

गणेश नाथ तिवारी”विनायक”

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