गीत · Reading time: 1 minute

की ये हो रामा जिया घबरावे करोनवा , की मनवा पागल कइले बा

कवने ओरिया से करोना बा आइल।
सबके जियरा बा बहुत घबराइल।
कवने ओरिया से करोना बा आइल।
सबके जियरा बा बहुत घबराइल।
ये रामा,
की ये हो रामा जिया घबरावे करोनवा ,
की मनवा पागल कइले बा।
जबसे बना लिहले बा ई धरती प घर।
बस चेहरा आवत बा सबके ढकल नजर।
एहसे परेशान बा सारी दुनिया।
परेशानी में कटत बा उमिरिया।
एहसे परेशान बा सारी दुनिया।
परेशानी में कटत बा उमिरिया।
ये रामा,
की ये हो रामा बहुत बड़ा बा एकर डरमवा,
जहनवा पागल कइले बा।
की ये हो रामा जिया घबरावे करोनवा,
की मनवा पागल कइले बा।
टीका कारगर जेह दिन लग जाई हो।
कोरोना दुनिया से फिर भग जाई हो।
मास्क लगावे के डॉक्टर बा कहले।
का जात बा हाथ बार बार धोवले।
मास्क लगावे के डॉक्टर बा कहले।
का जात बा हाथ बार बार धोवले।
हे रामा,
की ये हो रामा लगि जात सबके वैक्सीनवा,
करोनवा घायल कइले बा।
की ये हो रामा जिया घबरावे करोनवा,
की मनवा पागल कइले बा।
-सिद्धार्थ गोरखपुरी

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अपने वक्त को एक आईना दिखा जाऊँगा। आज लिख रहा हूँ कल मैं लिखा जाऊँगा।। -सिद्धार्थ गोरखपुरी
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