गीत · Reading time: 1 minute

का कहीं लोर के

का कहीं लोर के
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जिन्दगी में जहर बा गइल घोर के
बन्द होते न बा का कहीं लोर के

ना ये पार में ना ओ पार में
जुदाई भइल उहो मझधार में
गलती हमरे रहे आकि चितचोर के-
बन्द होते न बा का कहीं लोर के…

बेवफाई के उ पार कइले बा हद
इहे सोच के दिल में उठे दरद
जे जोरल उहे तूरल नरम डोर के-
बन्द होते न बा का कहीं लोर के…

ई खा के कसम खिया के कसम
केहू दी ना कबो प्यार में कवनों गम
खून कइलसि बेदर्दी पोरे पोर के-
बन्द होते न बा का कहीं लोर के…

– आकाश महेशपुरी

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संक्षिप्त परिचय : नाम- आकाश महेशपुरी (कवि, लेखक) मो. न. 9919080399 मूल नाम- वकील कुशवाहा जन्मतिथि- 15 अगस्त 1980 शैक्षिक योग्यता- स्नातक ॰॰॰ प्रकाशन- सब रोटी का खेल (काव्य संग्रह)…
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