ग़ज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

काहे सुख के गीत गइल हो

काहे सुख के गीत गइल हो
तुम के दुनिया जीत गइल हो

दुःख मा ही रगड़ा-घिसड़ा के
जिनगी अइसन बीत गइल हो

साज गजल के काहे छेरे
तुम से रूठा मीत गइल हो

हमका इश्क तनिक ना भावे
बैजू बनिके गीत गइल हो

असुअन की झरि सावन लागी
बिरहा के संगीत गइल हो
•••

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एक अदना-सा अदबी ख़िदमतगार Books: इक्यावन रोमांटिक ग़ज़लें (ग़ज़ल संग्रह); इक्यावन उत्कृष्ट ग़ज़लें (ग़ज़ल संग्रह); 'इक्यावन इन्द्रधनुषी ग़ज़लें' (ग़ज़ल संग्रह) प्रतिनिधि रचनाएँ (विविध पद्य रचनाओं का संग्रह); रामभक्त शिव (संक्षिप्त…
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