गीत · Reading time: 1 minute

ओ बेवफा के प्यार में

जान रहे बाकिर कइसे अनजाना हो गइल
ओ बेवफा के प्यार में का का ना हो गइल

छूटल गाँव जवारों छूटल अउरी यार इयारी
हीत नात से नाता टूटल सभे देत बा गारी
दिल टूटल तऽ पागल, ई दीवाना हो गइल-
ओ बेवफा के प्यार में का का ना हो गइल

प्यार का कइनी, कऽ लिहनी हम अपना के बदनाम
ओकरे नाव रटीले सगरो छोड़-छाड़ के काम
नउवे रटते जिनिगी जेलखाना हो गइल-
ओ बेवफा के प्यार में का का ना हो गइल

जेकरा के हम चहनी कइनी सबसे बेसी प्यार
उहे लीहल चाहेला अब देखऽ जान हमार
उहे ले नाहीं बैरी ई जमाना हो गइल-
वो बेवफा के प्यार में का का ना हो गइल

हमरा के जे धोखा दीहल उहो नींद गँवाई
जे तरे हम तड़पत बानी चैन उहो ना पाई
धन-दौलत बा प्यार के पैमाना हो गइल-
वो बेवफा के प्यार में का का ना हो गइल

– आकाश महेशपुरी
दिनांक- ०७/१०/२००९

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Author
संक्षिप्त परिचय : नाम- आकाश महेशपुरी (कवि, लेखक) मो. न. 9919080399 मूल नाम- वकील कुशवाहा जन्मतिथि- 15 अगस्त 1980 शैक्षिक योग्यता- स्नातक ॰॰॰ प्रकाशन- सब रोटी का खेल (काव्य संग्रह)…
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