ग़ज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

ऊ बा कहाँ दिलदार

ऊ बा कहाँ दिलदार
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ऊ बा कहाँ दिलदार जे हमके सतावल रात-दिन
ना बंद होता दर्द में अब गीत गावल रात-दिन

केहू कहेला नींद केहू चैन के दुश्मन कहे
हम तऽ कहीं ऊ चोर हऽ जे दिल चुरावल रात-दिन

ना घाम लागे जेठ में ना शीत लागे पूस में
ऊ याद आवे इश्क़ में मदहोश धावल रात-दिन

शीशा हवे शीशा कहऽ ना हर्ज बा ये बात में
अब दर्द देला मोम के पत्थर बतावल रात-दिन

केहू न हमके नेह से देखल इहे अफसोस बा
तकदीर वाला बा इहाँ जे प्यार पावल रात-दिन

हम आजुवो ‘आकाश’ तन्हा एकदम बानी सुनऽ
ना काम आइल ऐ सनम आँसू बहावल रात-दिन

– आकाश महेशपुरी
दिनांक- 10/10/2020

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संक्षिप्त परिचय : नाम- आकाश महेशपुरी (कवि, लेखक) मो. न. 9919080399 मूल नाम- वकील कुशवाहा जन्मतिथि- 15 अगस्त 1980 शैक्षिक योग्यता- स्नातक ॰॰॰ प्रकाशन- सब रोटी का खेल (काव्य संग्रह)…
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