ग़ज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

उनके नैनन के वार झेलेनी

उनके नैनन के वार झेलेनी
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उनके नैनन के वार झेलेनी
रोज़ होके बीमार झेलेनी

चोट खाईं त दर्द ना होला
बेवफ़ाई के मार झेलेनी

टूट जाला केहू तनी भर में
हम त सदमा हज़ार झेलेनी

झूठ बोलेके ना करेजा बा
साँच बोलीं त हार झेलेनी

ऊ त कायर बा हार माने जे
हम त जीवन के भार झेलेनी

एगो ‘आकाश’ फूल के ख़ातिर
जाने केतना कटार झेलेनी

– आकाश महेशपुरी
दिनांक- 10/06/2020

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संक्षिप्त परिचय : नाम- आकाश महेशपुरी (कवि, लेखक) मो. न. 9919080399 मूल नाम- वकील कुशवाहा जन्मतिथि- 15 अगस्त 1980 शैक्षिक योग्यता- स्नातक ॰॰॰ प्रकाशन- सब रोटी का खेल (काव्य संग्रह)…
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