गीत · Reading time: 1 minute

ई भारत देश महान हवे

युग युग से भारत के महिमा
गावत ई सकल जहान हवे
ई भारत देश महान हवे

पूरा भारत घर आपन हऽ
घर में सबके आराम मिले
येही घरवा में मिले हवा
भोजन पानी अविराम मिले
बा जनम मिलल ये धरती पर
ई धरती सबकर जान हवे-
ई भारत देश महान हवे

ना मनइन में बा भेद इहाँ
जइसे कुरान बा वेद इहाँ
जे जाति-धरम में बाटेला
दीहल जाला ऊ खेद इहाँ
मिल-जुल के सभे रहे हरदम
भाईचारा पहिचान हवे-
ई भारत देश महान हवे

बा ताजमहल आ लालकिला
एलोरा आ जंतर मंतर
बा किसिम किसिम के भारत में
मंदिर मस्जिद आ गिरिजाघर
युग युग ले नूर रही येकर
जइसे सूरज आ चान हवे-
ई भारत देश महान हवे

सागर शीतलता दे ताटे
आ माथे सजल हिमालय बा
नदिया, झरना बा हरियाली
दुनिया तऽ येकर कायल बा
ई कोयल के हऽ मधुर गीत
आ कलियन के मुस्कान हवे-
ई भारत देश महान हवे

गांधी, गौतम, अब्दुल कलाम
बा कृष्ण राम के नाम इहाँ
नानक आ महावीर स्वामी
कइले बालो सदकाम इहाँ
ई धरती सूर कबीरा के
आ तानसेन के तान हवे-
ई भारत देश महान हवे

जे जहवे बा ऊ तहवे से
लागल बा देश सजावे में
वैज्ञानिक खोजे में लागल
अभियंता देश बनावे में
सैनिक सीमा पर पहरा दे
खेती में डटल किसान हवे-
ई भारत देश महान हवे

– आकाश महेशपुरी
दिनांक- १२/०८/२०२०

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Author
संक्षिप्त परिचय : नाम- आकाश महेशपुरी (कवि, लेखक) मो. न. 9919080399 मूल नाम- वकील कुशवाहा जन्मतिथि- 15 अगस्त 1980 शैक्षिक योग्यता- स्नातक ॰॰॰ प्रकाशन- सब रोटी का खेल (काव्य संग्रह)…
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