गीत · Reading time: 1 minute

इंकलाब के गीत

आवे के पड़ी
भगतसिंह
आवे के पड़ी
एक बार
औरी तहके
आवे के पड़ी…
लिखले बानी
हम अपना
ख़ून से जवन
ऊ गीतिया
इंकलाब के
गावे के पड़ी…

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Lyricist, Journalist, Social Activist
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