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अहम

जिनगी तभे तक बा
भाइ लोगन
जबे तक
तोहार
‘अहम’
जिन्दा रहल …
समझी के ना ?

अनयथा —
जले के पूर्व
लाश भी तो
इके शरीरे बा!!

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एक अदना-सा अदबी ख़िदमतगार Books: इक्यावन रोमांटिक ग़ज़लें (ग़ज़ल संग्रह); इक्यावन उत्कृष्ट ग़ज़लें (ग़ज़ल संग्रह); 'इक्यावन इन्द्रधनुषी ग़ज़लें' (ग़ज़ल संग्रह) प्रतिनिधि रचनाएँ (विविध पद्य रचनाओं का संग्रह); रामभक्त शिव (संक्षिप्त…
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